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घरेलू परिणामसात्विक, दीक्षिता बने अंडर-11 शतरंज चैंपियनशिप के चैंपियन

सात्विक, दीक्षिता बने अंडर-11 शतरंज चैंपियनशिप के चैंपियन

सात्विक, दीक्षिता बने अंडर-11 शतरंज चैंपियनशिप के चैंपियन: हैदराबाद के दिलसुखनगर स्थित जी पुल्ला रेड्डी मेमोरियल स्कूल (G Pulla Reddy Memorial School) में आयोजित तेलंगाना राज्य अंडर-11 शतरंज चैंपियनशिप में अंदाबतला सात्विक (Andabatla Satvik) और मोदीपल्ली दीक्षिता (Modipalli Deekshitha) क्रमश: लड़कों और लड़कियों के वर्ग में चैंपियन बनीं।

सात्विक ने नौ राउंड में आठ अंक बनाए और फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त रैहान जाहिद को 49 चालों में हराकर खिताब जीता। छल्ला सहर्षा (Challa Saharsha) 7.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर और आर्यन रुद्रपति सात अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे।

 

शतरंज चैंपियनशिप में लड़कियों ने भी मारी बाजी

 

लड़कियों के वर्ग में मोदीपल्ली दीक्षिता (Modipalli Deekshitha) ने नौ राउंड से 7.5 अंकों के साथ शीर्ष सम्मान हासिल किया। थोटा ऋतिका (Thota Hrithika) सात अंकों के साथ उपविजेता रही। टूर्नामेंट के विजेता आगामी राष्ट्रीय अंडर-11 शतरंज चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
टीमें
लड़के: 1 अंदाबतला सात्विक, 2 रेहान जाहिद, 3 चल्ला सहरशा, 4 आर्यन रुद्रपति
लड़कियां: 1 मोदीपल्ली दीक्षिता, 2 थोटा ऋतिका।
भारत के अलग अलग राज्यों में शतंरज को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार के टूर्नामेंट होते रहते हैं। हाल ही के वर्षों में स्कूली टूर्नामेंट बहुत प्रचलित हो रहा। राज्य सरकारे स्कूली स्तर पर चेस को बढ़ावा देने के लिए नए नए टूर्नामेंट का आयोजन करती रहती हैं।
विभिन्न स्कूल में शतरंज की प्रतियोगिताएं होती रहती हैं। स्कूल में शतरंज प्रतियोगिता होने से बच्चों में बौद्धिक विकास होता है। शतंरज खेलने से दिमाग तेज होता है।

 

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Gyanendra Tiwari
Gyanendra Tiwarihttps://thechesskings.com/
नमस्कार, मेरा नाम ज्ञानेंद्र है और मैं एक शौकिया शतरंज खिलाड़ी और ब्लॉगर हूं। मुझे शतरंज की कहानियां बहुत पसंद हैं और मैं इस अद्भुत खेल पर वीडियो, लेख और ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से अपनी राय साझा करना चाहता हूं।
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